Menu
A+ A A-

कुमार विश्वास ने कल यानि 10 फरवरी को दिल्ली के एनडीएमसी क्लब में अपनी हाई प्रोफाइल बर्थडे पार्टी को सेलीब्रेट किया. इसमें सब आए लेकिन केजरीवाल नहीं आए. मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय से लेकर आम आदमी पार्टी के ढेरों विधायक और दर्जनों बड़े छोटे पत्रकार. सबको इंतजार था तो बस अरविंद केजरीवाल का. लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ और पड़ोस में रहकर भी केजरीवाल पार्टी में नहीं पहुंचे.

गाजियाबाद में रहने वाले कुमार विश्वास ने एनडीएमसी क्लब में अपनी बर्थडे पार्टी इसलिए आयोजित करी थी क्योंकि बगल में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहते हैं. आम आदमी पार्टी के दिल्ली में सत्ता में होना भी एक कारण था जिसकी हनक कुमार विश्वास अपनी बर्थडे पार्टी के बहाने दिखाना चाहते थे और खुद को आम आदमी पार्टी का चाणक्य साबित करना चाहते थे. अरविंद केजरीवाल ने आयोजन में शिरकत करने के लिए हामी भी भर दी थी. वैसे भी माना जाता है कि कुमार विश्वास के किसी निजी और जरूरी कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल हर हाल में पहुंचेंगे ही. लेकिन केजरीवाल का न आना कई किस्म की चर्चाओं को जन्म दे गया.

बर्थडे पार्टी में शामिल कई लोगों का कहना है कि दरअसल अरविंद केजरीवाल समझ गए हैं कि कुमार विश्वास एक दिन उनके लिए और उनकी पार्टी के लिए बड़ा खतरा बनेंगे क्योंकि उनका तन मन लगातार डोलता रहता है. भाजपा और संघ के करीबी रहे कुमार विश्वास की हाल की गतिविधियां भी बताती हैं कि उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा संदिग्ध है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी आलाकमान दिल्ली प्रदेश में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए कुमार विश्वास पर दांव लगाने पर विचार कर रहा है. कुमार विश्वास की सोच और विचारधारा भी भाजपा संघ के काफी करीब की रही है.

कुमार के बर्थडे के मौके पर हुई पार्टी में बीजेपी नेताओं का हुजूम देखने को मिला. कुमार विश्वास बीजेपी नेताओं समेत एनएसए चीफ डोभाल के साथ बैठे भी नजर आए. पार्टी में जहां बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने अपने गानों से समां बांधा तो कुमार विश्वास ने भी उनके सुर में सुर मिलाए. पिछले साल की बर्थडे पार्टी के चीफ गेस्ट दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस पार्टी से नदारद दिखे. चर्चा के मुताबिक विश्वास काफी दिनों से बीजेपी नेताओं के टच में हैं. बर्थडे पार्टी में यूपी बीजेपी चीफ ओम माथुर का पहुंचना खास माना जा रहा है. विश्वास को उनके साथ अकेले में बात करते भी देखा गया. कहा जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कुमार बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के बीजेपी में शामिल होने के आसार हैं.

आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद कुमार विश्वास अपनी उपेक्षा से भी अंदरखाने नाराज बताए जाते हैं. वह इसका बदला उचित समय पर और बिलकुल ठीक तरीके से लेना चाहते हैं. पर उसके पहले वह यह जरूर जताना चाह रहे थे कि वह आम आदमी पार्टी में कितना महत्वपूर्ण हैं ताकि उनका वजह बाकी पार्टियों की निगाह में बढ़ जाए. पर केजरीवाल का ऐन मौके पर न आना उनकी सारी रणनीति पर पानी फेर गया. देखना है कि आने वाले दिनों में तन मन से डोलडाल रहने वाले कुमार विश्वास किस पार्टी की आलोचना और किसकी प्रशंसा में अपने तराने छेड़ते हैं.

भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट

0
0
0
s2sdefault

Debug

Context: com_content.article
onContentAfterDisplay: 1
Jquery: loaded
Bootstrap: loaded