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P7 न्यूज कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू की जिंदगी का सफर साइकिल पर दूध बेचने से शुरू हुआ था. पंजाब के जिला चमकौर साहबिब में भंगू साइकिल पर दूध इकट्ठा कर शहर में घर-घर जाकर बेचने का काम करता था. इसी दौरान वो एक चिट फंड कंपनी के लिए एजेंट का काम करने लगा. धीरे-धीरे इस काम में भंगू इतना माहिर हो गया कि उसने गुरवंत एग्रोटेक के नाम से अपनी कंपनी शुरू कर दी. ये कंपनी मैग्नेटिक पिलोज बेचने के नाम पर लोगों से पैसा जमा कराती थी. इसके बाद कंपनी का नाम बदलकर 1998 में पीएसीएल इंडिया यानि पर्ल एग्रोटेक कार्पोरेशन लिमिटेड रख दिया गया.

इस तरह दो दशक के भीतर भंगू हिंदुस्तान के सबसे बड़े लैंड बैंक का मालिक बन गया. इस ग्रुप की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके ब्रेंड एंबेसेडर अक्षय कुमार से लेकर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रैट ली तक रह चुके हैं. पीएसीएल का मुख्य दफ्तर दिल्ली में है. देशभर में इसके एजेंटों का जाल फैला हुआ है. कंपनी के करीब 8 लाख एजेंट पूरे देश में हैं जो चेन मार्केटिंग के तहत काम करते हैं. इसके अलावा आईपीएल में पंजाब की टीम किंग्स इलेवन के साथ भी पर्ल ग्रुप जुड़ा रहा है.

कंपनी ने रियल एस्टेट, टिंबर इंडस्ट्री, हेल्थ, बीमा, होटल जैसे क्षेत्रों में हाथ आजमाने के बाद 2011 में P7 न्यूज चैनल शुरू किया. चैनल के जरिए पर्ल्स ग्रुप कंपनी का प्रचार-प्रसार करना ही उसका मकसद था. राष्ट्रीय चैनल के अलावा भंगू ने क्षेत्रीय चैनल पर्ल्स मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ भी शुरू किया और खूब पूंजी निवेश कराया. लेकिन आज 5 करोड़ निवेशकों से 45 हजार करोड़ रु ऐंठने के आरोप में भंगू को जेल भेजा जा चुका है. इस बीच सीबीआई की जांच में पचा चला है कि निवेशकों के पैसों से कंपनी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में 66 दफ्तरों को खरीदा. पंजाब के संगरुर में पर्ल्स कंपनी के कई निवेशकों को अपनी रकम डूबने का डर सता रहा है. (साभार : भड़ास4मीडिया)

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